मीरा ने मोहन को ही जीवन का आधार माना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मीरा ने मोहन को ही जीवन का आधार माना है

मोहन के चरणों को संसार माना है

मोहन की सेवा को मोहन की पूजा को मोहन की चर्चा को ही सार माना है,

मीरा ने मोहन को ही जीवन का आधार माना है

तन सोंप दिया मन सोंप दिया,

और सारा जीवन सोंप दियां,

पूजन चिंतन नर तन वंदन पल पल का सुमिरन सोंप दियां,

मीरा ने मोहन को ही जीवन का आधार माना है

त्रिभुवन का पालनहारा है वही जीवन का रखवारा है

हर जीव का प्राना धार वही भव सागार तारण हारा है

मीरा ने मोहन को ही जीवन का आधार माना है

मजधार में माया की न वहो सब छोड़ उसी की शरण रहो

सब साथ संगार करे गा वही उस की हो के निश्चिंत रहो

मीरा ने मोहन को ही जीवन का आधार माना है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।