बालक हु मैं तेरा श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बालक हु मैं तेरा श्याम मुझको निभाये ले

दुखड़े को मारयो मने काजले लगाये ले,

पथ दिख ला दे बाबा कालजे अँधेरे से

अख्नाली चुरा के बाबा चोरासी कट मेरी से,

दरबार सांवरियां एसो सजो प्यारो दयालु आप को

सेवा में सांवरियां सगळा खड़े डीके हुकम बस आप को

सेवा में थारी म्हाने आज बिछजानो है नाले कोल निभानो है

कीर्तन की है रात बाबा आज थाणे आनो है

खाटू वाले श्याम तेरी शरण में आ गयो

श्याम प्रभु रूप तेरो नैना में समा गयो ,

इतरावे मत बाबा हार मानी तेरे से

अख्नाली चुरा के बाबा चोरासी कट मेरी से,

मुरली अधर पे कदम तल झूमे है

भगत खड़ा तेरे चरना ने चूमे है

खाली हाथ बोल किया जाऊ तेरे डेरे से

अख्नाली चुरा के बाबा चोरासी कट मेरी से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।