भोले के दर से मिलेगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

याहा आओ दामन के फेलाने वाले

याहा आके भोले के दर से मिलेगा

नही मिल सका आज तक जो कही से,

वो सावन में भोले के दर से मिलेगा

केलाश के भोले तुम रहने वाले भगतो पे एसी किरपा करने वाले,

सावन का महिना है किरपा करदो भोले

जल चडाने आये है दर पे तुम्हारे,

जैसे भी दीवाने आये है दर पर जो दस्ते तलब तक बडाते नही है

तुम्ही भोले अपने कर्म को भडाओ,

नही तो इन्हें फिर काहा से मिलेगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।