सजा दो घर को गुलशन सा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आये है

लगे कुटिया भी दुल्हन सी

मेरे सरकार आये है

पखारो इन के चरणों को बहा कर प्रेम की गंगा,

बिछा दो अपनी पलकों को मेरे सरकार आये है

सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आये हैं

सरकार आ गए है मेरे गरीब खाने में

आया दिल को सकूं उनके करीब आने में,

मुदत से प्यासी अखियो को मिला आज वो सागर

भटका था जिसको पाने की खातिर आज जमाने में

उमड़ आई मेरी आंखे देख कर अपने बाबा को

हुई रोशन मेरी गलियां मेरे सरकार आये है

सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आये हैं

तुम आ कार भी नही जाना

मेरी इस सुनी दुनिया से,

कहू हर दम यही सब से मेरे सरकार आये है,

सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आये हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।