राम मैं तो जब से शरण तेरी आया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम मैं तो जब से शरण तेरी आया

आनंद आनंद मैंने पाया

मेरे राम मेरे राम सांचा है तेरा नाम

अंधकार में भटक रहा था,

सूजे न कोई किनारा

तूने मन में ज्योत जला कर दूर किया अंधियारा

तू ही है इक सहारा जीवन का सच पाया,

राम मैं तो जब से शरण तेरी आया

हर पल मेरे पास रहा तू फिर भी देख न पाया

जग बंधन में कैसा उल्जा पास न तेरे आया,

भटके हुए राही को राह पे तूने लगाया

राम मैं तो जब से शरण तेरी आया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।