आज अयोध्या नगरी को हम खूब सजाये गे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आज अयोध्या नगरी को हम खूब सजाये गे,

कसम राम की खाई थी हम मंदिर वही बनायेगे

मर जायेगे मिट जायेगे वचन निभायेगे ,

कसम राम की खाई थी हम मंदिर वही बनायेगे

जय श्री राम का नारा है श्री राम का मंदिर प्यारा है

आज अयोध्या सजी धजी है भव्य देखो नजारा है

दीप जला कर आज दीवाली खूब मनाये गे,

कसम राम की खाई थी हम मंदिर वही बनायेगे

कोश्य्ला के नैन के तारे राम लला हमे जान से प्यारे

राम जन्म भूमि अति पावन

सारे जग के तुम रखवाले

ढोल नगाड़े और शेहनाई मिल के भ्जाये गे

कसम राम की खाई थी हम मंदिर वही बनायेगे

मंगल भवन अमंगल हारी धरवू सुद्श्रथ अरज बिहारी

जग मग ज्योत जगी है आज अवध की शोभा भारी

रणजीत अपने धर्म की खातिर लहू बहाहे गे,

कसम राम की खाई थी हम मंदिर वही बनायेगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।