मिटटी का खिलौना मिटटी में मिल जायेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरे मान मेरा केहना नही तो पश्तायेगा,

मिटटी का खिलौना मिटटी में मिल जायेगा,

हो माया माया क्या करता है,

अंत समय कुछ काम ना आएगा

मिटटी का खिलौना मिटटी में मिल जायेगा,

बेटा बेटा क्या करता है

बेटा तेरा इक दिन पडोसी बन जाएगा

मिटटी का खिलौना मिटटी में मिल जायेगा,

बेटी बेटी क्या करता है तू ,

बेटी तेरी इक दिन ज्वाई ले जाएगा

मिटटी का खिलौना मिटटी में मिल जायेगा,

पडोसी पडोसी तू क्या करता है

पडोसी तो इक दिन जला के चला आएगा

मिटटी का खिलौना मिटटी में मिल जायेगा,

धन दोलत तेरी कोठी बंगले इन से ममता छोड़ दे पगले

जैसा बीज बोयेगा वैसा फल पायेगा

मिटटी का खिलौना मिटटी में मिल जायेगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।