कान्हा सब तम अब हर लीजो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा सब तम अब हर लीजो

कान्हा सब तम अब हर लीजो,

चहुँ दिसि ब्यापत घोर अँधेरा,

गोविन्द नया सबेरा कीजो,

कान्हा सब तम---------------

सब अपने छूटे सपने टूटे,

हरि धाय हाथ धर लीजो,

कान्हा सब तम ---------------

इक आश तुम्ही विश्वाश तुम्ही,

अब नव उमंग भर दीजो,

कान्हा सब तम -------------

बिचलित मन नहि सुमिरै कान्हा,

मोरे मन मंदिर घर कीजो,

कान्हा सब तम ---------------

रचना आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।