मुझे है काम ईश्वर से जगत रूठे तो रूठन दे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मुझे है,काम ईश्वर से, जगत रूठे तो रूठन दे

मुझे है,काम ईश्वर से, जगत रूठे तो रूठन दे

कुटुम्ब परिवार सुत दारा, माल धन लाज लोकन की

हरि के भजन करने से, अगर छूटे तो छूटन दे

बैठ संगत में संतन की, करूँ कल्याण में अपना

लोग दुनिया के भोगों में, मौज लूटे तो लूटन दे

प्रभु का ध्यान धरने की, लगी दिल में लगन मेरे

प्रीत संसार-विषयों से, अगर टूटे तो टूटन दे

धरी सिर पाप की मटकी, मेरे गुरुदेव ने झटकी

वो "ब्रह्मानंद" ने पटकी, अगर फूटे तो फूटन दे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।