माँ महाकाली आई झूम कै

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

माँ महाकाली आई झूम कै

काटै संकट घूम घूम कै

सबनै खुशियाँ बांटैगी

दरबारा मैआज सभी के संकट काटैगी

माँ का रूप है बड़ा विशाल

संग मे रहते हैं महाकाल

सव पै चड जब चालैगी ------

सब भूंता के शीश कतरदे

खपर खून तै ठाडा भरदे

गलै रूण्ड माला डालैगी------

माँ की शक्ति है बड़ी भारी

आगी लेकै तेज कटारी

हाथ नै कोन्या डाटैगी------

जब छोटी नै मात बुलाई

महाकाली झूमकै आई

विजय नही मैया नाटैगी ------

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।