गौरा मैया को लगी है नजरिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गौरा मैया को लगी है नजरिया

शिवशंकर है ले रहे खबरिया

गौरा तुमने घुमन की जिद्द करि थी

घुमन को तुम ब्रह्म लोक गयी थी

वही पे लगी है नजरिया

तेरी चमक रही थी वहां बिंदिया

गौरा मैया को लगी है नजरिया

शिवशंकर है ले रहे खबरिया

गौरा तुमने घुमन की जिद्द करि थी

घुमन को तुम बैकुंठ लोक गई थी

वही पे लगी है नजरिया

तेरी हिल रही थी वहां नथनिया

गौरा मैया को लगी है नजरिया

शिवशंकर है ले रहे खबरिया

गौरा तुमने घुमन की जिद्द करि थी

घुमन को तुम शिव लोक गई थी

वही पे लगी है नजरिया

तेरी उड़ रही थी वहां चुनरिया

गौरा मैया को लगी है नजरिया

शिवशंकर है ले रहे खबरिया

गौरा तुमने घुमन की जिद्द करि थी

घुमन को तुम स्वर्ग लोक गई थी

वही पे लगी है नजरिया

तेरी खनक रही थी वहां चूड़ियां

गौरा मैया को लगी है नजरिया

शिवशंकर है ले रहे खबरिया

गौरा तुमने घुमन की जिद्द करि थी

घुमन को तुम पृथ्वी लोक गयी थी

वही पे लगी है नजरिया

तेरी छनक रही थी वहां पायलिया

गौरा मैया को लगी है नजरिया

शिवशंकर है ले रहे खबरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।