ले तो आयो हो कान्हा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ले तो आए हो कान्हा गोकुल के गांव में

मुरली की तान सुनाया करना

मोहना मोहना...सांवरा सांवरा...

माया ना मांगू,

मैं तो मोती ना मांगू,

लम्बी जीवन की मैं तो ज्योति ना मांगू,

मांगू तो बस इतना कि, तू मेरे साथ रहे

जीवन की हर पल तू साथ रहे

छोटी से अर्ज मेरी सुन लो कन्हियाँ

चरणों की छाव में बिठाये रखना

सांवरा सांवरा, ,,,

मोहना मोहन,,,,

ले तो आए हो कान्हा गोकुल के गांव में

मुरली की तान सुनाया करना,

कान्हा बिन अब तो रहा नही जाए,

मन ही निराला कहा तोड़ा तोड़ा जाए

क्या है यत्न तू बता दे जरा

रस्ता निहारो कान्हा बैठे तेरे राह में

हमको भी दरस दिखाया करना

सांवरा सांवरा, ,,,

मोहना मोहन,,,,

ले तो आए हो कान्हा गोकुल के गांव में

मुरली की तान सुनाया करना

सुन लो कन्हियाँ एक विनती हमारी,

हरलो अभी से सारी विपदा हमारी

बस हमको याद रहे एक तेरा नाम

तेरा नाम, ओ मेरे श्याम ,तो घनश्याम

रटते रहे हम तेरा नाम हमेशा

नया को पार लगाए रखना

सांवरा सांवरा, ,,,

मोहना मोहन,,,,

ले तो आए हो कान्हा गोकुल के गांव में

मुरली की तान सुनाया करना

ले तो आए हो कान्हा गोकुल के गांव में

मुरली की तान सुनाया करना

सांवरा सांवरा, ,,,

मोहना मोहन,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।