छोड़ दे चिंता यार ,सवारियां बैठा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ दे चिंता यार, सावरियां बैठा है ॥

तू हिम्मत ना हार ,सावरिया बैठा है

ना होगी तेरी हार, साँवरिया बैठा है

छोड़ दे चिंता यार, सावरियां बैठा है ॥

सुख दुख है जीवन की छाया,इसपे किसी का जोर नही

तुझको बचा के राखलेगा जो, श्याम बिना कोई और नही

तेरे लिए तैयार,साँवरिया बैठा है

छोड़ दे चिंता यार, सावरियां बैठा है ॥

दर दर पे क्यों माथा पिटे ,एक पे क्यू एतबार नही

ऐसा कोई सपना नही जो ,होता यहां साकार नही

क्यों सोचे बेकार,साँवरिया बैठा है

छोड़ दे चिंता यार, सावरियां बैठा है ॥

पग पग तेरे साथ साँवरिया तेरा साथ नीबिये गा,

जब डोल्ले गी जीवन नैया वो माजी बन आयेगा,

थाम तेरी पतवार सावरियां बैठा है ,

छोड़ दे चिंता यार, सावरियां बैठा है ॥

थाम के उंगली श्याम की पंकज,सीधी राह पे चलता चल

छोड़ दे उसपे वो देखेगा ,क्या होना है तेरा कल

अरे होगा बेड़ा पार,साँवरिया बैठा है

छोड़ दे चिंता यार, सावरियां बैठा है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।