चलो री सखी वृन्दावन को आज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलो री सखी वृन्दावन को आज

चलो री सखी वृन्दावन को आज,

ब्रज रजकण रसमय अतिपावन,

प्रभु बांकेबिहारी को राज,

चलो री सखी वृन्दावन को आज

जहँ नाचत गावत राधे राधे,

पुरवासी संत समाज,

चलो री सखी वृन्दावन को आज

दधि बेचि हरि दरसन पइबै,

सखी इक पंथ दू काज,

चलो री सखी वृन्दावन को आज

रचना आभार:

ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।