सखी री राम लला घर आये

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम लला घर आये गाओ मंगल गीत सखी री,

आओ जलाए दीप सखी ऋ

सरयू जल अंगना छिडकाये

छप्पन रंग पकवान बनाये जो प्रभु के मन भाये

सखी री राम लला घर आये

जन्म जन्म के भाग सवारे

राम लला जी के चरण पखारे

मात सिया पे बली बली जाए

लखन लला को चवर धुलाये

रघु कुल दीपक आये

सखी री राम लला घर आये

अब तक थी अयोध्या ये सुनी आज बनी है दुल्हन सलोनी

चारो तरफ छाई खुशहाली आओ मनाये आज दीवाली

तन मन मधु रस गाये

सखी री राम लला घर आये

आये संग हनुमत बल वीरा कंचन काया बजर शरीरा

कोश्याला मिशठान बनाये कायिकी हनुमान जीमाये

कंचन स्वर लुटाये

सखी री राम लला घर आये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।