साईं राम साईं राम

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साईं राम मेरे साईं राम मेरे साईं राम

साईं राम साईं राम

जपु मैं तेरा नाम साईं छोड़ के सारे काम साईं

सुबहो शाम साईं राम

तेरे चरनो में मिलती है खुशियों की सोगात

तेरी किरपा से साईं बन रहे है सारे काम

मैं तो मांगू कुछ नही बस मांगू तेरा साथ,

शिर्डी वाले साईं बाबा सब है तेरे हाथ,

साईं राम साईं राम

दुखियो का तू ही सहारा मेरे साईं राम

जिस ने भी तुझको है पुकारा लेके तेरा नाम

सब पे किरपा करदो साईं करता हु अरदास

जो भी दर पे आये साईं पूरी हो आस

साईं राम साईं राम

मुझको भी रास्ता है दिखाया ईशा करदी पूरी

तेरी रहमत से साईं दुःख ना रही मज़बूरी

कैसे शुकर करू मैं तेरा सुन ले मेरी बात

गा रहा दर पे जोगी बन के तेरा दास

साईं राम साईं राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।