तू देख हार के श्याम मेरा नीले चढ़ आयेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कब तक डगर डगर की जगत में ठोकर खायेगा

तू देख हार के श्याम मेरा नीले चढ़ आयेगा,

बिन मांगे देता संवारा क्या मांगे मुख खोल के

लग जा लम्भी लाइन में जय जय कारे बोल के

हर हारे की नैया को ये आप चलाएगा,

तू देख हार के श्याम मेरा नीले चढ़ आएगा

सेठो का ये सेठ कहाते दानी में महादानी

सब के काम बनाते जग में बाबा शीश का दानी

बन के रौशनी श्याम तेरा जीवन चमकाएगा

तू देख हार के श्याम मेरा नीले चढ़ आएगा

नलायक को लायक समजा ये तेरा उपकार है

धाम निराला जग में सची सी सरकार है,

गोरव खाटू अन दाता गुण तेरे गाये गा,

अटल बिहारी का तू अन दाता गुण तेरे गायेगा

तू देख हार के श्याम मेरा नीले चढ़ आएगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।