दर्दी खड्यो पुकारे बाबा क्या मैं बार लगाई ओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दर्दी खड्यो पुकारे बाबा क्या मैं बार लगाई ओ

देर कराया न काज सरेलो भाये न समाई ओ,

दर्दी खड्यो पुकारे क्या मैं बार लगाई ओ

दुःख हरता थे पालनकरता वेद पुराण बतावे है,

थारी महिमा का जय कारा दुनिया सारी गावे है

म्हारी बरियाँ क्या मैं अटकेया मत न लाज गवावे हो

दर्दी खड्यो पुकारे बाबा क्या मैं बार लगाई ओ

थे ही माँ का मात पिता हो में था काटा टाबरियां श्याम

छोटा मोटा मैं भी थारे चरना का चकरियां श्याम

सीधी सी कोई सेवा था की

म्हाने भी बत्लावो,

दर्दी खड्यो पुकारे बाबा क्या मैं बार लगाई ओ

बेकुंठा का वासी संवारा थे दुःख ने काई जानो गा,

म्हारे सागे रेहलेयो गा तो माँ की पीड पहचाने गा,

इक इक पल गिन गिन कर काटा मत कर लोक हसाई

दर्दी खड्यो पुकारे बाबा क्या मैं बार लगाई ओ

ई भरमाई दुनिया माई दूजा ना ही ठिकानों है,

चोकस से सुन ली जियो स्वामी थारे ही अपनानो है

नीले का असवार श्याम जी इक झलक दिखलाई ओ

दर्दी खड्यो पुकारे बाबा क्या मैं बार लगाई ओ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।