है महान ममता माँ की केहते ग्यानी ध्यानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

है महान ममता माँ की केहते ग्यानी ध्यानी

देती है दया का दान सब को माँ भवानी

है महान ममता माँ की केहते ग्यानी ध्यानी

अपनी ममता का जो मैया हाथ रखे सिर पे खुशियों की बरसात करने चली आती घर पे

वेद और पुरानो ने महिमा है भ्खानी

देती है दया का दान सब को माँ भवानी

है महान ममता माँ की केहते ग्यानी ध्यानी

ममता मई जगदम्बे जग की जन्म दाता पावन बड़ा है माँ से बचो का जो नाता

माँ का दिल समन्दर के जैसी है कहानी

देती है दया का दान सब को माँ भवानी

है महान ममता माँ की केहते ग्यानी ध्यानी

जिसको मैया प्यार करे वो है जग का प्यारा दुभती जो नाव उसको देदियाँ किनारा

लाये जो मुस्कान मुख पे एसी महादानी

देती है दया का दान सब को माँ भवानी

है महान ममता माँ की केहते ग्यानी ध्यानी

जो भी मन के मंदिर में मैया को वसा ले

माँ की मेहरबानी वही सचा प्यार पा ले

पूरी करती आस रजो मैया राज रानी

देती है दया का दान सब को माँ भवानी

है महान ममता माँ की केहते ग्यानी ध्यानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।