जप सुबहो शाम बजरंग बलि

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंगी का नाम सुमीर ले ध्यान तू श्री चरणों में धर ले करेगे सब हनुमान बलि

जप सुबहो शाम बजरंग बलि जप आठो याम बजरंग बलि,

बाल समय रवि निगल गए थे देव सभी तबी विकल भये थे

छोड़ा भानु तो विपद टली,

जप सुबहो शाम बजरंग बलि जप आठो याम बजरंग बलि,

कूद सिंधू लंका को धाये माँ सीता का पता लगाये

धू धू करके लंक जली

जप सुबहो शाम बजरंग बलि जप आठो याम बजरंग बलि,

हो गये मुर्षित लखन दुलारे भुट्टी ला तुम प्राण उभारे

उठा लाये पर्वत को बली

जप सुबहो शाम बजरंग बलि जप आठो याम बजरंग बलि,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।