तेरे चरणों में जीवन बाबा अर्पण मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ संवारे हम है वन्वारे तेरी भगती में झूमे नाचे तन मन मेरा

तेरे चरणों में जीवन बाबा अर्पण मेरा

जग से जो हारा है तूने ही तारा है

महिमा तुम्हारी है जग से निराली

दुनिया ने माना है मैंने भी जाना है भगतो की नैया तुम ही ने स्मबाली,

करदो भला ऐसा जादू चला

अब तो हो जाए बाबा हम को दर्शन तेरा

तेरे चरणों में जीवन बाबा अर्पण मेरा

दर पे मैं आई हु कुछ सपने लाइ हु

चरणों में तेरे ही जीवन बिताऊ

श्रधा से भगती से भगती की शक्ति से ओ संवारे मैं तुम को मनाऊ

वरदान दो हम को ज्ञान दो के बन जाए जीवन बाबा गुलशन तेरा

तेरे चरणों में जीवन बाबा अर्पण मेरा

संतो की वाणी है तू सचा दानी है

रश्मी भी महिमा गाने लगी है

निरमल का साथी है सब का ही माती है

सब को बिसरियां बताने लगा है

भव पार कर हम से प्यार कर

मोह माया का बाबा काटो बंधन मेरा

तेरे चरणों में जीवन बाबा अर्पण मेरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।