करदो किरपा हे अंजनी के लाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

करदो किरपा हे अंजनी के लाला कोई तुम भी नही है हमारा

आज आई प्रभु विपदा भारी

बाबा बस अब तेरा ही सहारा,

करदो किरपा हे अंजनी के लाला

वीरो में वीर तुम हो काहा ते मार दुष्टों को पल में भगाते

अपने भगतो की खातिर हे हनुमत तुम तो पल में ही दोड़े हो आते ,

घोर छाया है जग पे अँधेरा आसरा बस इक बाबा तुम्हारा

करदो किरपा हे अंजनी के लाला

केहते जिनका नही कोई जग में

साथ उनका सदा तुम निभाते

रेहते भगतो के अंग संग सदा ही

संकटो से सदा तुम बचाते

आज फिर से वही रूप धारो

होगा उपकार जग पे तुहारा,

करदो किरपा हे अंजनी के लाला

राम के काज तुमने सवारे आज भगतो को आके सम्बालो,

घेरा है आज संकट ने सब को आके इस से प्रभु तुम बचा लो

आस भगतो को बस इक तुम्ही से प्रीत कष्टों से सब को उभारा,

करदो किरपा हे अंजनी के लाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।