क्यों रूठे सब से यु भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

क्यों रूठे सब से यु भोले हमे मन्दिर बुलाये न

ये सावन प्यासा रह जाए जो कावड हम ला पाए न

क्यों रूठे सब से यु भोले हमे मन्दिर बुलाये न

बड़ा जो पापो का घेरा तो तूने सब से मुह फेरा

प्रभु भगती को बुला जग,

तो बरसा अब केहर तेरा

घडी एसी संकट की करीब अपने भी आये न

ये सावन प्यासा रह जाए जो कावड हम ला पाए न

क्यों रूठे सब से यु भोले हमे मन्दिर बुलाये न

हम बालक तेरे है नादान ना तुझसा जग में कोई महान

कोई न माफ़ केहता ये अब रो रो कर ये सारा जहां

शरण लेलो हमे बाबा सही दुरी अब जाए न

ये सावन प्यासा रह जाए जो कावड हम ला पाए न

क्यों रूठे सब से यु भोले हमे मन्दिर बुलाये न

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।