विश्वनाथ बैठे है काशी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

विश्वनाथ बैठे है काशी

महादेव है घट घट वासी

अजर अमर है चोला बोलो बम बम भोला,

भोला बड़े वरदानी देते भगतो को अन और पानी

अरे लेलो भर भर झोला

बोलो बम बम भोला

हे देवी श्री मुनि ग्यानी ना जाने भोला की अमर कहानी

कभी वेदों ने वेद न खोला

बोलो बम बम भोला

शिव शम्भु ओढ़दानी देखो जटा में गंगा समानी

जल धारा में अमृत घोला

बोलो बम बम भोला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।