तांबे के लोटे में घोटी जो भांग

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तांबे के लोटे में घोटी जो भांग

भोले हमारे हुए भागबान

ये भांग बड़ी सस्ती है लेकिन इस में मस्ती है

मेरे भोले की मस्ती छाई है हम शिव की लेहर में डोल रहे

याहा किसी को खुद की खबर नही सब शिव शिव बम बम बोल रहे

बजने दो दी जे रहे कोई राग

तांबे के लोटे में घोटी जो भांग

भंगिया हम को पीना और मस्ती में जीना है

नही करना आज मना कोई भोले बाबा का परशाद है,

है भोग महादेव का प्यार ये शिव का आशीर्वाद है

अरे भंगिया से बड़ियाँ चलेगा दिमाग

भोले हमारे हुए भागवान

तांबे के लोटे में घोटी जो भांग

भोले करे पूरी भगतो की मांग

तबियत हमारी हुई भागवान

अरे लहराते है कंठ भोले के नाग

भोले हमारे हुए भागवान

तांबे के लोटे में घोटी जो भांग

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।