इक राम का नाम ही बन्दे, संग तुम्हारे जायेगा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

इक राम का नाम ही बन्दे, संग तुम्हारे जायेगा:-

इक राम का नाम ही बन्दे,

संग तुम्हारे जायेगा,

इस धरा का इस धरा पे,

सब धरा रह जायेगा,

इक राम का नाम ही--------।।

झूठे बंधन झूठे रिश्ते,

माया मोह की नगरी में,

साँस टूटी और रिश्ता टूटा,

कोई काम न आयेगा,

इक राम का नाम ही---------।।

पंचतत्व की कंचन काया,

मिट्टी ही होनी है इकदिन,

मुट्ठी बांधे आया जग में,

हाँथ पसारे जायेगा,

इक राम का नाम ही----------।।

राम नाम कलिकाल कल्पतरु,

भर ले झोली सुमिरन से,

चार लाखि चौरासी भव से,

बस सुमिरन पार लगायेगा,

इक राम का नाम ही--------।।

रचना आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।