अपने भगतो की सुन के पुकार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अपने भगतो की सुन के पुकार,

ओ मेरे भोले दर्शन देदो इक बार,

हे मेरे भोले दर्शन देदो इक बार

करदो हम पे भी थोडा उपकार,

हो डमरू वाले दर्शन देदो इक बार

कावड में लेके जल तुझको चड़ाया जिसने है माँगा वो सब कुछ पाया,

वेळ की पाती मेरे शंकर को भाई

मैं भी खड़ा हु अपना शीश जुकाए,

करलो विनती मेरी सवीकार,

अपने भगतो की सुन के पुकार,

भाव के भूखे वो क्या भोग लगाऊ,

श्रधा से भोले बस तेरा ही गुन गाऊ,

तू ही विनाश्यक तू जन्म दाता,

मांगना तुझसे अवि तक न आता,

चरणों में तेरे मेरा संसार,

अपने भगतो की सुन के पुकार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।