जीने का सबक सीखा साई के फकीरो से

पारंपरिक
श्री गणेश भजन साईं भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जीने का सबक सीखा साई के फकीरो से

तकदीर झलकती है हाथों की लकीरों से

जय गणेश जय महादेव

जय गणेश जय महादेव

ओम नमो नमो नमो नमो नमः

ओम नमो नमो नमो नमो नमः

दुखियन पे कृपा करो

हे दुखियन पे कृपा करो हे

बहुत दूर से आया हु मै

झोली खली लाया हु मैं

अरे बाबा मेरी आस ना तोड़ो

मुझ निर्धन से मुह को न मोड़ो

मेरी खाली झोली भरदे

इतनी दया तू निरधन पे भी करदे

मैंने तेरा नाम लिया है

अपने दिल को साई थाम लिया है

आंख से आंसू झलक रहे है

और तेरे चरणो में तड़प रहे है

इनको छूकर पवन करदे मुझको

भी साई सदा सुहागन करदे

दुनिया ताने अब ना

मरे बाँझ कह के ना कोई पुकारे

ना तुम रहोगे ना समाज रहेगा

अब ना कोई भी बाँझ रहेगा उसके करम से

दुखियन पे कृपा करो

हे दुखियन पे कृपा करो हे

और करे तेरी सेवा

जय गणेश जय महादेव

जय गणेश जय महादेव

ओम नमो नमो नमो नमो नमः

ओम नमो नमो नमो नमो नमः

माता जाकी पार्वती जो पार करे

नैया वो पारवती मैया

जो भाग्य बनता है

महादेव कहलाता है

माँ बाप दिल को जो दुखता है

दुनिया में मजे करले वह

वो नरक में जाता है

अपना इरादा नेक है सबका मालिक एक है

जो पार करे नैया वो पारवती मैया

जो भाग्य बनता है महादेव कहलाता है

जब तुझ में आया दम तुम कहलाय आदम

ममता की छाया दे माँ हौ कह लेती है

जो अग्नि परीक्षा दे वो है सीता मैय्या

जो वनवास निभाता है वोही तो राम कहता है

माता जाकी पार्वती

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

जय गणेश जय महादेव

जय गणेश जय महादेव

नन्दन बोहरा नैनीताल (9410560333)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।