रसना निशदिन भज हरि नाम रामकृष्ण श्रीकृष्ण राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रसना निशदिन भज हरिनाम ,

रामकृष्ण श्री कृष्णराम भज ,रामकृष्ण श्रीकृष्ण राम ,

दोनों सुखकर आनन्दधाम, रामकृष्ण श्रीकृष्ण राम ,

केशव कान्हा चितचोर कहो,या रघुवर अवध किशोर कहो,

रटो नितप्रतिपाल आठों याम, रामकृष्ण श्रीकृष्ण......

मन राघव के चरण गहो, या जानकी रमन की शरण चलो ,

बोलो बनकर दिल से गुलाम, रामकृष्ण श्रीकृष्ण.......

राघव सा कोई कृपालु नही, माधव सा कोई दयालु नही ,

आरत जन के आते हैं काम, रामकृष्ण श्रीकृष्ण........

धनुषधारी मुरालीधारी, जयरघुवंशी जय बनवारी ,

है प्रेमबिन्दु दोनों का धाम, रामकृष्ण श्रीकृष्णराम ,

रसना निशदिन भज हरिनाम ,

रामकृष्ण श्री कृष्णराम भज ,रामकृष्ण श्रीकृष्ण राम ,

Singer - Janhavi

Lyrics - Bindu ji Maharaj

Music Arrange - Ajay Vishwakarma

Created - Chitrakoot Music Production

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।