मोरे मन में बसो श्री राम यही तेरा मन्दिरवा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जिनके चरणों में सारा जहान, उन्हें मेरा वन्दनवा ,

मोरे मन में बसो श्रीराम , यही तेरा मन्दिरवा ,

राम जन्म के कई है कारण हम नादां क्या गायें,

सुने जो मनसे नर अरु नारी जीवन धन्य बनाये ,

कहे तुलसीजी बारम्बार ,लगालो अब मनवा ,

मोरे मन में बसो.......

विश्वमोहिनी नही मिली तब नारद श्रापित कीन्हो,

मनुशतरूपा ने श्रीहरि से पुत्र वचन लै लीन्हो ,

लंका जन्मेंगे भानुप्रताप बनेगे रावनवा ,

मोरे मन में बसो.........

नगर अयोध्या में दशरथ हैं कौशल्या महारानी ,

गुरु सन विनय करी राजा ने सुतबिन गई जवानी ,

ऋषि श्रृंगी करेंगे उपाय चहक उठे आँगनवा ,

मोरे मन में बसो..........

अवध अवतरेउ सब के स्वामी सन्तन के हितकारी,

उनकी हर इक लीला पे हम जाएं बलिहारी ,

पितु मात मगन होइ जाएं करें जो नन्दनवा ,

मोरे मन में बसो श्रीराम , यही तेरा मन्दिरवा ,

Singer - Shiva & Janhavi

Lyrics - Udaybhan Tripathi

Music - Ajay Vishwakarma

Created - Chitrakoot Music Production

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।