दुर्गा भवानी माँ से देह लगाना , देह लगाना भक्तो मन में बसाना

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दुर्गा भवानी माँ से देह लगाना

देह लगाना भक्तो मन में बसाना

भक्तो से माँ का कही दूर ना जाना ....

भक्तो से माँ का कही दूर ना जाना ॥

असुरो ने फैलाया जग में अँधेरा

अम्बे ने शक्ति से लाया सवेरा

माता की शक्ति को समझ ना पाया ...

भक्तो से माँ का कही दूर ना जाना ॥

भेरो ने तेरे कुट पर धाख जमाया

देवी की शक्ति को समझ ना पाया ....

त्रिशूल के वार से मिटाया ठिकाना

भक्तो से माँ का कही दूर ना जाना ॥

शक्ति से माँ को त्रिदेवो ने सवारा

देत्यो ने अम्बे को जाना बेसहारा

माता के क्रोध का बना वो निशाना ......

भक्तो से माँ का कही दूर ना जाना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।