शिर्डी के साईं नाथ हम दर तेरे आ गए

पारंपरिक
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॥ पावन पाठ ॥

शिर्डी के साईं नाथ हम दर तेरे आ गए

देदो अपना प्यार हम दर तेरे आ गए

आ गये आ गये

शिर्डी के साईं नाथ...

भगती भाव से साईं हम आये है

श्रधा और सबुरी लाये है

करलो साईं सवीकार हम दर तेरे आ गये,

आ गये आ गये

शिर्डी के साईं नाथ...

हमे हमारे साईं कई सपने है

सुनी सुनी आँखों से तुझे तक ते है,

तुझमे शान्ति आपार,हम दर तेरा आ गये,

आ गये आ गये

शिर्डी के साईं नाथ...

श्रृष्टि नाते साईं सब छलावा है

तू ही मथुरा काशी मेरा काबा है

सुन लो साईं पुकार हम दर तेरे आ गए,

आ गये आ गये

शिर्डी के साईं नाथ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।