जादूगरी मोर छड़ी का , जादू आज दिखा दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जादूगरी मोर छड़ी का

जादू आज दिखा दे

मेरे जाढ़ा लगा दे ।

मेरे जाढ़ा लगा दे ॥

जीवन की पतियांग मेरी

हाथो से तू सजा दे

मेरे जाढ़ा लगा दे

श्याम बहादुर आलू सिंह जी

जैसे हम भगत नहीं है

उनके जैसे श्याम हमारे

कर्म भी अच्छे नहीं है

फिर भी दया की दौलत बाबा

मुझपें आज लुटा दे ॥

मोर छड़ी से कितनो को ही

जीवन दान मिला है

सोइ किस्मत जाग गयी अब

गोदी में फूल खिला है

इस कलयुग में ऐसा करिश्मा

फिर से तू धोरा दे ॥

मोर छड़ी लहरा दे जिसपे

वो तो है बढ़ भागी

उनके हर सुख दुःख में बाबा

बनता है सह भागी

मोहित के सिर पे भी बाबा

अपनी छड़ी घूमा दे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।