नाम जपो भोले शंकर का

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नाम जपो भोले शंकर का नही साथ कुछ जाना है,

सचा नाम है शिव का भगतो बाकी सारा फ़साना है,

वो भोले भंडारी पल में विनती सब की सुन लेते,

रावन को सोने की लंका हस्ते हस्ते दे देते,

उनके जैसा दाता बंदे नही कोई पाना है

सचा नाम है शिव का भगतो बाकी सारा फ़साना है,

उनकी जटा में पाप नाशानी गंगा मैया रहती है

हरी भरी हो धरती माता इस कारण वो बहती है,

भूतो के संग शिव भोले का रिश्ता बड़ा पुराना है,

सचा नाम है शिव का भगतो बाकी सारा फ़साना है,

नतमस्तक शिव के चरणों में भगतो ये संसार हुआ

नाम जपा जिसने शिव का जब भव सागर से पार हुआ,

लिखदे गीत बिसरियां कोई रशमी को बस गाना है,

सचा नाम है शिव का भगतो बाकी सारा फ़साना है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।