देखो छमा छम नाचे दीवाना श्री राम का

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

देखो छमा छम नाचे दीवाना श्री राम का

पैरों में घुंघरू बांध के नाचे

राम की महिमा गाये, ये ठुमका लगाये, दीवाना श्री राम का

देखो छमा छम नाचे, दीवाना श्री राम का

राम लखन संग है सीता मैया,

राम मगन नाचे ये ता ता थेया ।

राम की धुन में आँखों को मिचे,

राम का दर्शन पाए ये ठुमका लागए , दीवाना श्री राम का

देखो छमा छम नाचे...

राम भजन की मस्ती में खोया,

राम की भगति में खुद को डुबोया ।

हाथों में लेके खड़ताल खड़े है,

राम नाम गुण गाये, ये ठुमका लगाए, दीवाना श्री राम का

देखो छमा छम नाचे...

राम कथा में बजरंगी नाचे,

झांझ नगारे और ढफ ढोल बाजे ।

लाल सिंदूर देखो बाबा का चोला,

सीता के मन को भाए, ये ठुमका लगाये, दीवाना श्री राम का

देखो छमा छम नाचे...

राम प्रभु का सेवक पुराना,

राम चरण में इनका ठिकाना ।

हर्ष कहे कोई इनसा ना दूजा,

राम नाम ही सुहाए , ये ठुमका लगाए, दीवाना श्री राम का

देखो छमा छम नाचे...

निरंजन सारदा ( 9341224191 )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।