मेरे दिल का यही अरमान

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दिल का यही अरमान के बस जाऊ खाटू में,

करो किरपा किरपा निधान के बस जाऊ खाटू में

उठ के सवेरे श्याम कुंड में न्हाऊ,

मंदिर में पांच बार आरती में आऊ,

भागीची से चुन चुन के कलियाँ मैं लाऊ

हाथो से पिरोके तुझे हार पहनाऊ

चाहत है यही भगवान के बस जाऊ खाटू में,

करो किरपा किरपा निधान के बस जाऊ खाटू में

खाटू जी की माटी को माथे से लगाऊ,

भगतो की सेवा में जिन्दगी बिताऊ,

खाटू जी की गलियों में दिन रात डोलू

प्रेमियों को जय श्री श्याम मैं बोलू,

इतना सा दो वरदान के बस जाऊ खाटू में,

करो किरपा किरपा निधान के बस जाऊ खाटू में

उठा के निशान पैदल रिंग्स आऊ

पेट पल्नियाँ जाके शीश जुकाऊ,

भजनों इ मस्ती हो भगतो के संग में

मोहित कहे रंग जाऊ संवारे के रंग में

जब तक है तन में प्राण

के बस जाऊ खाटू में,

करो किरपा किरपा निधान के बस जाऊ खाटू में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।