ना ये तेरा ना ये मेरा

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ना ये तेरा ना ये मेरा मंदिर है भगवान का

पानी उसका भूमि उसकी सब कुछ उसी महान का,

ना ये तेरा ना ये मेरा मंदिर है भगवान का

हम सब खेल खिलोने उसके खेल रहा कतरार रे

उसकी ज्योति सब में रम के सब में उसका प्यार रे,

मन मंदिर में दर्शन करले उन प्राणों के प्राण का

पानी उसका भूमि उसकी सब कुछ उसी महान का,

ना ये तेरा ना ये मेरा मंदिर है भगवान का

तीथ जाए मंदिर जाए अन गिन देव मनाये रे,

तीन रूप में राम सामने देख के नैन फिराए रे,

मन की आँखे खुल जाए तो क्या करना हमे ज्ञान का

पानी उसका भूमि उसकी सब कुछ उसी महान का,

ना ये तेरा ना ये मेरा मंदिर है भगवान का

कौन है उच्च कौन है नीचा सब है इक समान रे,

प्रेम की ज्योत जला हिरदये में सब में प्रभु पहचान रे

सरल हिरदये को शरण में राखे हरी भोले नादान का

पानी उसका भूमि उसकी सब कुछ उसी महान का,

ना ये तेरा ना ये मेरा मंदिर है भगवान का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।