मेरे मन में बाबा श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे मन में बाबा श्याम

मेरे तन में बाबा श्याम

मेरे मन को तो भाया बाबा श्याम है

मेरी नज़रों में समाया मेरा श्याम है

दुनिया के खेल निराले है नहीं मिलते यहाँ किनारे हैं

मेरी नैया का मांझी बाबा श्याम है

मेरी नज़रों में समाया मेरा श्याम है

मेरे मन में बाबा श्याम..........

जब जब दुनिया से हारा तब तब तुमको ही पुकारा

तूने गिरते हुए को लिया थाम है

मेरी नज़रों में समाया मेरा श्याम है

मेरे मन में बाबा श्याम..........

कहते हारे का सहारा तू तो सबका पालनहारा

हम सब प्रेमियों की तू ही तो पहचान है

मेरी नज़रों में समाया मेरा श्याम है

मेरे मन में बाबा श्याम..........

तेरी ज्योत मैं जालौन तुझको नित नित शीश नमाऊं

बाबा सृष्टि का ये जीवन तेरे नाम है

मेरी नज़रों में समाया मेरा श्याम है

मेरे मन में बाबा श्याम..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।