ज़रा देख ले तू आ के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ज़रा देख ले तू आ के ओ सांवरे तेरी गौआ का प्यारे जो हाल है

खाती दर दर की ठोकरे वेचारियां बेजानो का बड़ा बुरा हाल है,

जब से तू इनको छोड़ गया है इनका न कोई रखवाला,

तूने कभी इन्हें प्यार दिया था इनका बना था ग्वाला,

कौन तेरे बिना इनहे प्यार दे आज सब से बड़ा ये सवाल है,

खाती दर दर की ठोकरे वेचारियां बेजानो का बड़ा बुरा हाल है,

कुछ ऐसा भी दया वां है जग में चरणों में सिर को झुकाते

कुछ पापी कपटी भी है इस जग में बोली जो इनकी लगा ते,

इनकी चमड़ी और इनकी हटिया उन पापो का धन मान है,

खाती दर दर की ठोकरे वेचारियां बेजानो का बड़ा बुरा हाल है,

रोक ले आके इस वेशत को पूनम पुकारे आ गोपाल रे

आके बचा ले गौआ का जीवन इन पे तरस खा संवारे,

यही केहना अमन का है संवारे

तेरे हाथो ही होना कमाल है,

खाती दर दर की ठोकरे वेचारियां बेजानो का बड़ा बुरा हाल है,

नन्द दुलारे किरपा करो प्राण प्यारे किरपा करो

ब्रिज रखवारे किरपा करो प्रीतम हमारे किरपा करो

चीर चुरिया किरपा करो

बंसी बजियाँ किरपा करो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।