पूरी दुनिया में होता वाही जो हो भोले की मर्जी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले को भोला समजने की गलती न करना

कालो का वो महाकाल है पश्ताओ गे वरना

पूरी दुनिया में होता वाही जो हो भोले की मर्जी ,

कान लगा के ध्यान से सुन लो भोला के बारे में,

वो जो करना चाहे होता इक इशारे में

भुत प्रीत है चेले उसके वो है उनका राजा,

पल में सब कुछ खाख करे जो आये क्रोध जरा सा,

पूरी दुनिया में होता वाही जो हो भोले की मर्जी ,

तीनो लोको में है उसके नाम का डंका भजता

राजा हो जा रंक न कोई उसकी नजर से बचता

दिल का दानव मानव हर कोई उसके आगे जुकता,

शीश जुकाके हर कोई बोलो जय कारा भगवन का,

पूरी दुनिया में होता वाही जो हो भोले की मर्जी ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।