सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना

जीना हो सिर उठा के शरण में इनकी आना

विश्वाश दिल से करले हर काम तेरा होगा,

खुद को तू कर समर्पित फिर नाम तेरा होगा,

छोड़े गा न कभी तेरा हाथ

सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना

जीना हो सिर उठा के शरण में इनकी आना

जिसे दुनिया खाव्व समजे वो हकीकत है याहा पे,

हर पत्थर की भी प्यारे बड़ी कीमत है याहा पे,

याहा की निराली हर इक बात

सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना

जीना हो सिर उठा के शरण में इनकी आना

जो दीवाने भोले के है उनका न हाल पूछो,

क्या क्या मिला है उनको न ये सवाल पुछो,

सुनो मुश्किल है जवाब देना जवाब

सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना

जीना हो सिर उठा के शरण में इनकी आना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।