श्याम कहानी सुनो रे श्याम कहानी

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

श्याम कहानी सुनो रे श्याम कहानी

कहता है जग सारा शीश का दानी

श्याम कहानी सुनो रे..........

माँ अहिलावती के प्यारे भक्तों की आँख के तारे

वो सूर्यवंश के दीपक पांडव कुल के उजियारे

निर्बल के साथी की ये दुनिया दीवानी

श्याम कहानी सुनो रे

शिव शक्ति को खुश कीन्हा बदले में वर ये लीन्हा

हारे के साथ निभाऊं बालक ने वचन ये दीन्हा

तीन बाण पाए जिनका कोई नहीं सांई

श्याम कहानी सुनो रे

माँ की आज्ञा सिरधारी कर लीले क असवारी

चल पड़ा समर भूमि को वो बर्बरीक बलकारी

महाभारत जाके देखूं मन में ये ठानी

श्याम कहानी सुनो रे

कान्हा ने खेल रचाया धार भेष विप्र का आया

बालक की परीक्षा लीन्ही और शीश दान में पाया

घर घर में तेरी पूजा होगी महादानी

श्याम कहानी सुनो रे

नारायण की सब माया खाटू में धाम बसाया

हारे के रखवारे ने दुनिया में नाम कमाया

हर्ष सुनाये गाथा अपनी ज़ुबानी

श्याम कहानी सुनो रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।