बंदऊँ द्वादश ज्योतिर्लिंगम्

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बंदऊँ द्वादश ज्योर्तिलिँगम्

बंदऊँ प्रथमं सोमनाथम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ द्वितीयं मल्लिकार्जुनम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ तृतीयं महाकालम्,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ चतुर्थकं ममलेश्वरम्,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ पंचमं वैद्यनाथम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ षष्ठमम् भीमाशँकरम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ सप्तमं रामेश्वरम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ अष्टमं नागेश्वरम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ नवमं विश्वनाथम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ दशमं त्रयम्बकेश्वरम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ एकादशं केदारनाथम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ द्वादशम् घुश्मेश्वरम् ,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बंदऊँ द्वादश ज्योर्तिलिँगम्,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ।।

आभारः ज्योति नारायण पाठक

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।