भगतो ने मिल कर माँ की ज्योत जगाइ है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भगतो ने मिल कर माँ की ज्योत जगाइ है

नवरातो में माँ दर्शन देने आई है

नो दिन के मेले न होते न होते नो राते

दुनिया भर के भगत बताओ कहा मांग ने जाते

होती है याहा नवरातो में सुनवाई है

नवरातो में माँ दर्शन देने आई है

सुनी सुनाई बात को सची अब हम ने है माना

यही मिला आखिर में आकर हम को सही ठिकाना

हो जाती याहा हर चीज की बरपाई है

नवरातो में माँ दर्शन देने आई है

धरती जब तक बनी रहेगी रहेगे चंदा तारे,

नवराते भी घर घर होंगे गूंजे गे जयकारे

केहता पवन कलयुग की यही बरपाई है

नवरातो में माँ दर्शन देने आई है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।