मेरे हाथों में खींच दे लकीर सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे हाथों में खीँच दे लकीर सांवरे,

मेरी जागेगी सोई तकदीर सांवरे ।

मेरे हाथों में खीँच दे...

ऐसी ठोकर लगाई, बेडा पार कर दिया,

गौतम नारी, अहिलिआ का उद्धार कर दिया ।

हर लो हर लो, हमारी भी तुम पीड़ सांवरे,

मेरी जागेगी सोई तकदीर सांवरे ॥

मेरे हाथों में खीँच दे...

छोड़ करके गरूढ़, नंगे पांव दौड़े थे,

गज के बंधन प्रभु जी, तो आप ने तोड़े थे ।

काटो काटो, पापों की ज़ंज़ीर सांवरे,

मेरी जागेगी सोई तकदीर सांवरे ॥

मेरे हाथों में खीँच दे...

विष का अमृत बनाना तेरा काम है,

इस लिए दीन बंधु बाबा तेरा नाम है ।

तेरे दर्शन, को मन है अधीर सांवरे,

मेरी जागेगी सोई तकदीर सांवरे ॥

मेरे हाथों में खीँच दे...

शाम सुंदर की आँखों का, तारा है तूँ ,

सारी दुनिआं में, हारे का सहारा है तूँ ।

अपनी भक्ति, की सौंप दे जागीर सांवरे,

मेरी जागेगी सोई तकदीर सांवरे ॥

मेरे हाथों में खीँच दे...

धुन:- मेरे हाथों में नौं नौं चूड़िआं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।