मेरी मा की दुआये सब के लिए

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जो राम के लिए वही रब के लिए,

मेरी मा की दुआये सब के लिए

हिन्दू के लिए मुसल्मा के लिए

मेरी मा की मुरादे जहां के लिए

जिस किसी ने बी दर माँ के सजदा किया

माँ ने बिन मांगे उसको सब कुछ दिया,

माँ को भावो से मतलब जातो से क्या

उस को चिकनी चुपड़ी मीठी बातो से क्या

जो मुरीद के लिए वोही भगत के लिए ,

मेरी माँ का खजाना जगत के लिए

माँ ने तारे करोडो ही छोटे खरे माँ को प्यारे है सारे छोटे बड़े.

माँ ने प्यार किसी से छुपाया नही

माँ की नजरो में कोई पराया नही

जो अमीर के लिए वो गरीब के लिए

मेरी माँ की आशीष हर जीब के लिए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।