आओ नी आओ प्यारा सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ नी आओ प्यारा सांवरिया मीरा रा नटवर नगरिया

बा मीरा कांई थान घोल पिलायो

विष का प्याला ने क्ईईंया अमृत को बनायो

मीरा भगती में होगी बावरिया

आओ नी आओ प्यारा सांवरिया

कर्मा बाई को थे मान बढ़ायो

बुशयो खिचाडलो थान किया भायो

घाबलिये के ऑल जीम लिया

आओ नी आओ प्यारा सांवरिया

धने भगत के थे बनगया हाली

खेती निपजाई बिन बीज और पानी

शाच भगता न थेतो परख लिया

आओ आओ प्यारा सांवरिया

ओ लाखो बाबा थान खूब मनाव

दर्शन की अमृत नित अरज लगाव

अर्जी पे मर्जी थारी चाल ली किया

आओ नई आओ प्यारा सांवरिया

सिंगर लखबीर सिंग लाखा

लेखक। अमृत राजस्थानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।