राधे जी ये सोच के सोया करती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे जी ये सोच के सोया करती है

आएगा मेरा श्याम रोया करती है

राधे जी ये सोच के सोया करती है

तुझ बिन सुना बंसी वट है तुझबिन सुना मधुवन

तुझबिन सुनी कुञ्ज गलिन है सुना है वृंदावन

बनके दीवानी तुझे पुकारा करती है

आएगा मेरा श्याम रोया करती है

राधे जी ये सोच के सोया करती है

यमुना की लेहरो की कल कल यही शोर मचाये

ग्वालन गैयाँ सखियाँ तेरी तुझबिन रह न पाए

मैया भो आंसू बहाया करती है

आएगा मेरा श्याम रोया करती है

राधे जी ये सोच के सोया करती है

अगले जन्म में मेरे कान्हा तू राधा बन जाये

श्याम कहे पीड़ा होती तुझको समज नही आये,

राधे हर पल येही मनाया करती है

आएगा मेरा श्याम रोया करती है

राधे जी ये सोच के सोया करती है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।