भरलो भरलो झोलियाँ आके खाटू के दरबार

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

खाटू बाबा बड़े निराले सब डिवॉन में भोले भाले

उंच नीच ना देखे कोई सबको करते प्यार

भरलो भरलो झोलियाँ आके बाबा के दरबार

भरलो भरलो झोलियाँ आके खाटू के दरबार

मुखड़ा है भोला भाला सुन्दर है रूप निराला

मुखड़े पे जाऊं क़ुर्बान गाऊँ मैं तो तेरा गुणगान

भरलो भरलो झोलियाँ आके बाबा के दरबार

जो भी आये सच्चे मन से मिलता उसे सहारा

फागुन में है जिसके दर पे लगता अजब नज़ारा

ज़िन्दगी महक जायेगी कर लो फूलों से श्रृंगार

भरलो भरलो झोलियाँ आके बाबा के दरबार

डम डम ढोल नगाड़े बजते छम छम बजते छैने

धिनक धिनक दिन भक्त हैं नाचे मस्ती के क्या कहने

चन्दन का जो तिलक करे तो भर देते भण्डार

भरलो भरलो झोलियाँ आके बाबा के दरबार

पंचा श्री नाम के प्यारे तू भी जप ले माला

जय श्री खाटू श्याम है बोले कवी हरयाणे वाला

सात जनम के पाप करम का सर से उतरे भार

भरलो भरलो झोलियाँ आके बाबा के दरबार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।