लाये डाक कावड भोले हरिद्वार से

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लाये डाक कावड भोले हरिद्वार से,

सारे जग में भोले की सरकार से

छम छम नाचे कवाडिया बन के भोला वंवारिया

सारी दुनिया पे भोले का राज से

लाये डाक कावड भोले हरिद्वार से,

अरे दिल्ली यू पी हरयाने से भोले कावड लावे से

अरे पैरा में पड़ जावे छाले फिर भी रुक न पावे से,

हर हर बम बम की जयकार भोला भोले भारंमबार

सारे भोले के निराले ठाठ से भोले बाबा रेहते हर दम साथ से

लाये डाक कावड भोले हरिद्वार से,

नील कंठ की कंठिन चडाई पेहले घनी डरावे से

तेरी किरपा भोले बाबा बाह पकड़ ले जावे से

चाहे बेबस हो लाचार सुनते सब की करूँ पुकार

चंडी मनसा मैया तेरे साथ से अद्भुत भोले की निराली शान से

लाये डाक कावड भोले हरिद्वार से,

आरे जब तक घट में प्राण है भोले कावड तेरी लावे से

जन्म जन्म हर युग में भोले कावड तेरी उठावे से

भोले सब की ये दरकार करदो भव से नैया पार

तुझपे नागर को विस्वाश से करते रहमत भोले दिन रात से

लाये डाक कावड भोले हरिद्वार से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।